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समकालीन हिंदी दोहा लेखन में 'दोहों के आधुनिक कबीर' के रूप में विख्यात और लोकप्रिय नरेश शांडिल्य एक प्रतिष्ठित कवि, दोहाकार, शायर, नुक्कड़ नाट्य कर्मी और संपादक हैं। विभिन्न विधाओं में आपके 7 कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। आपने अनेक साहित्यिक पुस्तकों का कुशल संपादन भी किया है। इसमें डायमंड बुक्स से प्रकाशित पुस्तक 'आचार्य महाप्रज्ञ के अमृत वचन' भी सम्मिलित है। एक समीक्षक के रूप में भी आपकी अलग पहचान है।
आपको हिंदी अकादमी, दिल्ली सरकार का साहित्यिक कृति सम्मान (1996); वातायन (लंदन) का अंतरराष्ट्रीय कविता सम्मान (2005); कविता का प्रतिष्ठित 'परम्परा ऋतुराज सम्मान' (2010) प्राप्त है।
देश ही नहीं विदेशों (इंग्लैंड, बैंकॉक, साउथ अफ्रीका आदि) में आयोजित अनेकानेक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों और कवि सम्मेलनों में भी आपने महत्त्वपूर्ण भागीदारी की है।
साहित्य की अंतरराष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका 'अक्षरम संगोष्ठी' का आपने 12 वर्षों तक कुशल संपादन किया।
सम्प्रति : सलाहकार सदस्य : फिल्म सेंसर बोर्ड, सूचना व प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार। स्वतंत्र लेखन।
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